//अमचूर उत्पादन और अधिक मुनाफा

अमचूर उत्पादन और अधिक मुनाफा

परिचय

आम एक मौसमी फल है और यह ग्रीष्म ऋतु में 3 – 4 महीने के लिए ही बाजार में उपलब्ध रहता है। आम के कच्चे तथा पके फल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।

इसलिए आम का मौसम खत्म होने के बाद भी आम का आनंद लेने के लिए आम के प्रसंस्करित उत्पाद बनाकर रखे जाते हैं।

बनाने की प्रक्रिया

कच्चे आम से सामान्यत: आचार तथा चटनी बनाई जाती है। इसके अलावा कच्चे आम को पाउडर या अमचूर के रूप में भी प्रसंस्करित कर भंडारित कर सकते हैं। एक कि. ग्रा. कच्चे आम से लगभग 200 ग्राम सूखी फांके अथवा 5 कि. ग्रा. आम से एक कि. ग्रा. सूखी फांके प्राप्त होती हैं।

एक कि. ग्रा. सूखी फंकों का मूल्य 60 रुपये से 150 रूपये तक मिलता है। सूखी फांकों का मूल्य उनके रंग तथा नमी की मात्रा पर निर्भर करता है। यदि सूखी फंकों को पाउडर या अमचूर में परिवर्तित करके बेचा जाय तो एक कि. ग्रा. पाउडर का मूल्य 350 रूपये से 400 रूपये तक मिलता है।

लेखन: पी. एस. गुर्जर, ए. के. वर्मा, सुभाष यादव, डी. के. शुक्ला, मनीष मिश्र और शैलेंद्र राजन

स्त्रोत: कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार

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