/इस मेले में कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के साथ किसानों को दिए जा रहे हैं यह लाभ

इस मेले में कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के साथ किसानों को दिए जा रहे हैं यह लाभ

कृषि यंत्र अनुदान मेला

हार्वेस्टर सहित 81 प्रकार के कृषि यंत्र सब्सिडी पर लेने के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

किसानों को कृषि यंत्र सब्सिडी पर उपलब्ध करवाने के लिए कृषि यांत्रिक मेले का आयोजन किया गया है | जिन भी किसानों ने कृषि यंत्र के लिए आवेदन किये हैं उन सभी किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं | इसके लिए विभिन्न प्रकार के कृषि यांत्रिक कम्पनियां मेला में अपना स्टाल लगाये हुए हैं जहाँ किसान आकर अपने पसंद का कृषि यंत्र सब्सिडी पर खरीद सकते हैं | मेला में विभिन प्रकार के नये कृषि यंत्र प्रदर्शनी के लिए लाये गये हैं जिसे किसान उत्सुकता से पहली बार देख रहे हैं | यहाँ नए प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र भी है जिन्हें किसान देख सकते हैं एवं उनके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं |

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अभी तक यह कृषि यंत्र किसानों को सब्सिडी पर दिए गए

एग्रो बिहार– 2020 मेले में बिहार राज्य के किसानों के बीच अब तक 21 एस.एम.एस. (स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम), 5 सुपर सिद्र, 21 रोटरी मल्चर, 18 स्ट्रा बेलर विदाउट रेक, 8 हैप्पी सीडर, 20 हाई कैमेसिटी मल्टीक्राप थ्रेसर, 23 कम्बाईन हार्वेस्टर, 146 रीपर–कम–बाईन्डर, 56 जीरोटिलेज, 34 पावर टीलर, 563 रोटावेटर, 161 थ्रेसर, 78 मल्टीक्राप थ्रेसर, 71 पैडी थ्रेसर, 10 सेल्फ प्रोपेल्ड रीपर, 53 स्ट्रा रीपर/स्ट्रा कम्बाईन , 407 चैफकटर, 5 मिनी रबर राईस मिल, 233 कल्टीवेटर, 1040 पम्पसेट, 3 पोटैटो प्लान्टर, 5796 यूनिट सिंचाई पाईप, 3 पावर बीडर, 6 बुम स्प्रेयर, 355 स्प्रेयर, 162 डिस्क हैरो, 34 इलेक्ट्रिक मोटर आदि कृषि यंत्र दिए गए हैं |

अभी तक कृषि यंत्रों पर दिया गया कुल अनुदान

14 फरवरी से शुरू हुआ कृषि यांत्रिक मेला 17 फरवरी तक चलेगा | इस मेले में विभिन्न कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है | तीन दिनों में सभी कृषि यंत्रों पर किसानों को कुल 11,96,39,000 रूपये का अनुदान दिया गया है | जिसमें 16 फरवरी को 4,33,08,500 रूपये की सब्सिडी कृषि यंत्रों पर दी गई है |

अभी तक इतने किसानों ने कृषि मेला किया भ्रमण

इस प्रदर्शनी–सह मेला में राज्य के 24 हजार से अधिक किसान/आगन्तुक आये, जिनके आत्मा योजना के माध्यम से सरकारी खर्चे और आज इस मेले में 13 जिले यथा– पटना के 170, भागलपुर के 340, बांका के 230, मुंगेर के 190, बेगुसराय के 375, खगड़िया के 150, लखीसराय के 150, शेखपुरा के 130, जमुई के 210, पुरनिया के 290, कटिहार के 340, अररिया के 195 तथा किशनगंज के 150 यानि कुल 2,920 किसानों को भ्रमण पर लाया गया | इस मेला में किसी तरह का प्रवेश शुल्क नहीं है | कोई भी किसान/व्यक्ति स्वेच्छा से प्रदर्शनी/ मेला में भाग ले सकते हैं |

कृषि यांत्रिक मेला में यह है खास

  • लगभग 3 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में लगने वाले इस मेले में 100 अधिक स्टाल लगाये गये हैं |
  • इस प्रदर्शनी में बिहार के अलावे दिल्ली, गुजरात, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आदि राज्यों के कृषि यंत्र निर्माता भाग ले रहे हैं |
  • यहाँ प्रत्येक दिन किसान पाठशाला में किसानों को बुआई से कटाई तक के नवीनतम कृषि यंत्र, शक्ति चालित कृषि यंत्र, छोटे–छोटे कृषि यंत्र, संसाधन संरक्षण तकनीक में कृषि यंत्रों की उपयोगिता, प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन से संबंधित कृषि यंत्र, सूक्ष्म एवं ड्रिप सिंचाई यंत्र, खरपतवार नियंत्रण व निकाई – गुराई संबंधित यंत्र तथा कृषि यंत्रों की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए कल–पुर्जों के रख–रखाव एवं अन्य संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है |
  • किसान पाठशाला में राज्य के किसानों को प्रतिदिन किया जा रहा है |
  • राज्य के सभी जिलों में उन्नत कृषि यंत्रों के विक्रेता उपलब्ध नहीं होने के कारण कृषकों को यंत्र क्रय करने में कठिनाई होती है | इस समस्या को दूर करने के उद्देश्य से इस मेले में कृषि यंत्रों के निर्माताओं एवं बिक्रेताओं की व्यावसायिक बैठक (B2B MEET & B2G MEET) का आयोजन भी किया जायेगा |
  • स्थानीय बच्चों एवं कृषि महाविध्यालय में अध्ययनरत बच्चों के बीच कृषि के प्रति आकर्षण बढ़ाने के उद्देश्य से मेला भ्रमण करने हेतु उन्हें आमंत्रित किया गया है |
  • मेला परिसर में मुख्य मंच पर प्रत्येक दिन संध्या में कृषिकों / दर्शकों के मनोरंजन के लिए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है |
  • मेले में बिहार व्यंजनों का फ़ूड कोर्ट की व्यवस्था भी की गई है |

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