//काजू के लिए समेकित कीट प्रबन्धन

काजू के लिए समेकित कीट प्रबन्धन

क्र.सं.

कीटनाशक का नाम

कीटनाशक अधिनियम 1971 के अनुसार वर्गीकरण

विषाक्तता त्रिभुज का रंग

जोखिम के अनुसार डब्ल्यू एचओ वर्गीकरण

प्रथम उपचार के उपाय

विष प्रभाव  के लक्षण

विष प्रभाव  के उपचार

प्रतीक्षा अवधि (दिनों की सं.)

1

इंडोसल्फान

अत्यंत  विषैला

पीला

श्रेणी 2 माध्यम नुकसानदेह

प्रभावित व्यक्ति प्रदूषित क्षेत्र सेअलग  हटा दें।

(क) चमड़ी से सम्पर्क स्थिति में  प्रदूषित कपड़े  को जल्द उतार दें और साबुन तथा अधिक पानी से धो दें।

(ख) आँख में प्रदुषण आँख को साफ एवं ठंडे पानी से अनुकों बार  आंख को  धोंएं।

(ग) श्वास संसर्ग व्यक्ति को खुली हवा में रखे, गला और छाती के आस- पास के कपड़े ढीले कर दें।

(घ) खाना संसर्ग – अगर  व्यक्ति  होश में है तो गले में ऊँगली डालकर उल्टी कराएं/ दूध, शराब एवं चर्बी वाले पदार्थ न दें। यदि व्यक्ति बेहोश है तो ध्यान दें कि   उसकी श्वसन प्रणाली  साफ एवं बिना किसी रुकावट के हो  व्यक्ति के  सिर  थोड़ा नीचा रखकर चेहरे को एक किनारे  घुमा दें  सांस लेने में कष्ट हो तो मुख से या नाक सांस दें। चिकित्सीय सहायता पीड़ित को तुरंत कीटनाशक के डब्बे, लेबल के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।

उल्टी, बैचैनी, मिचली बेहोशी, तेज धड़कन  श्वास-क्रिया में ह्रास तथा मृत्यु

– 2-4 लीटर नल के जल से पेट का प्रक्षालन करे 130 ग्राम सोडियम सल्फेट को एक कप पानी में मिलाकर कैथारसीस करावें।

-बेचैनी एवं धड़कन को कम करने हेतु बार्बिच्युरेट्स की उपयुक्त मात्रा लगातार दें।

-श्वसनक्रिया का नजदीक से ध्यान रखें। अगर आवश्यक हो तो कृत्रिम श्वास देने की व्यवस्था करें।

-तेल, तेलिय पदार्थ, तेलीय दस्तकारक एडरनालीन का प्रयोग न करे।

-उत्तेजकपदार्थ का प्रयोग न करें।

-प्रत्येक चार घंटों पर इंट्राभेनस कैल्सियम ग्लूकोनेट (10%-10 मिली०-एम्पुल) दें।

2

3.

क्वीनॉल फॉस

फौसफामीनडॉन

अत्यधिक जहरीला

अत्यधिक जहरीला

पीला

चमकीला लाल

श्रेणी 2 सामान्य जोखिम भरा

श्रेणी 1 अत्यंत  नुकसानदेह

हल्का-भूख न लगना, सरदर्द चक्कर आना, कमजोरी, बेचैनी जुबान लड़खड़ाना एवं पलकें

कांपना, अल्पदृष्टि, देखने में कष्ट होना।

सामान्य- मितली, लार बहना आंसू बहना, पेट में मरोड़, उल्टी पसीना आना, नाड़ी  की गति धीमी मांसपेशियाँ  कांपना, अल्पदृष्टि

तीव्र- दस्त, पलको की कोई प्रतिक्रिया नहीं बिलकुल स्थिर, सांस लेने में तकलीफ फेफड़ा फूलना, रंग नीला पड़ना, अवरोध नियन्त्रण में कमी, मूर्च्छा, बेहोशी एवं हृदय अवरुद्ध होना।

-ओ०पी०  के विष के अत्यधिक प्रभाव दिखने पर एट्रोपिन इंजेक्शन (वयस्कों के लिए 2-4 मि०ग्राम) बच्चों के लिए 0.5-10 मि०ग्राम) की अनुशंसा की जाती है। 5-10 मिनट के अंतराल पर उपरोक्त को दुहरावें  जब तक कि दवा का असर न दिखें  शीघ्रता शीघ्रता अति आवश्यक एंट्रोपीन इंजेक्शन  1-4 मि.ग्रा. 1 जब विष के   लक्षण पुनः दिखाई दे तो 2 मि.ग्रा. दोबारा दें। ( 15-16  मिनट अंतराल) अत्यधिक लार बहना अच्छा संकेत और एट्रोपीन की आवश्यकता है।

-हवा आने के रास्ते  खुले रखें, चूसें, ऑक्सीजन प्रयोग करें, इंडोट्रैकियल टूयूब  डालें । टैकियोटॉमी करें और आवश्यकतानुसार कृत्रिम सांस दें।

-मुंह में विष चले जाने की दशा में यदि यदि उल्टी न हो रही तो 5% सोडियम बाईकार्बोनेट से पेट का प्रक्षालन करें, , चमड़ी में सम्पर्क के लिए साबुन और पानी से धोएं ( आँख नमक पानी से धोएं) सम्पर्क में आए स्थानों में धोते समय रबर  के दस्ताने पहन लें। एट्रोपिन के अलावा 2-पीएएम  (2- पाईरिडीन  एल्डोक्जाएम मेथीओडाटाड  दें। 1 ग्रा. एवं शिशुओं के लिए 0.25 ग्रा. इंट्राविनस धीमीगति में 5 मिनट की अवधि में और निर्देश के अनुसार समय-समय पर  इसका दुहराव करें एक से अधिक इंजेक्शन  की आवश्यकता हो सकती है।   मोरफिन, थियोफायलिन  एमीनोफायलीन बारबीचुरेट्स देने से बचें,  फेनेथायाजीन  दें।

-नीला पड़ गये रोगी को एट्रोपीन  न दें।

पहले कृत्रिम  सांस दें फिर एट्रोपिन दें।

4

कार्बाराइल

उच्च रूप से विषैला

पीला

श्रेणी 2 सामान्य नुकसान

पुतलियों का संकुचन, लार निकलना, जोर से पसीना अवसाद, मांसपेशियों  में तालमेल न होना मतली उल्टी, दस्त, पेडू में दर्द छाती में में कड़ापन

1-4 एम० जी०  एट्रोपीन इंजेक्शन  जब विष के लक्षण दुबारा दिखें तो 2 फिर से दुहरावें  एम जी (15-60  मिनट अंतराल पर) अधिक लार निकलना अच्छा चिन्ह, एट्रोपीन की और आवश्यकता है। हवा आनेवाले मार्ग खुलें रखें, प्रश्वास की क्रिया करें। , ऑक्सीजन  प्रयोग करें इंट्रोटैकियल   टूयूब डालें ट्रैकियोटॉमी करें और आवश्यकतानुसार कृत्रिम  सांस दें।  यदि उल्टी  न आती हो तो 5% सोडियम बाईकार्बोनेट  से पेट प्रक्षालन करें, चमड़ी में सम्पर्क के लिए साबुन और पानी से धोएं ( आँख नमक पानी से धोएं) सम्पर्क में आए स्थानों में धोते समय रबर  के दस्ताने पहन लें।

-ऑक्सीजन

– मॉरफीन  यदि आवश्यक हो।

-थियोफायलीन एवं  एमीनोफायलीन  तथा बार्बोच्युरेट्स से बचें।

पीएएम एवं अन्यऑक्सीजाईम हानिकारक नहीं है, वास्तव में रूटीन इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं

नीले पड़ गये रोगी को एट्रोपिन न दें। पहले कृत्रिम श्वास दे फिर इसके बाद एट्रोपिन दें।

  1. 5

कॉपर आक्सीक्लोराइड

मैनकोजेब

सेविडोल

कम जहरीला

नीला

हरा

श्रेणी 3 कम जोखिम

सामान्य उपयोग में अल्प नुकसानदेह

सिरदर्द .तेज, धड़कन  उल्टी, चेहरा

लाल होना। नाक, गला, आंख और चमड़ी में खुजली

कोई विशिष्ट प्रतिकारक नहीं। चिकित्सा अनिवार्य रूप से लक्षण पर निर्भर है।

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