//किसान अब 962 मंडियों में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बेच सकेगें अपनी उपज

किसान अब 962 मंडियों में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बेच सकेगें अपनी उपज

ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपज बिक्री

देश में किसानों की सबसे बड़ी समस्या है की उन्हें फसलों के सही दाम नहीं मिल पाते हैं यहाँ तक की केंद्र सरकार के द्वारा जो घोषित समर्थन मूल्य है वही भी किसानों को नहीं मिल पाता है | इतना नहीं बहुत सी फसले मंडियों में खरीद न होने के कारण किसान बेच तक नहीं पाते हैं इसलिए किसान वही फसलों की खेती करने के लिए मजबूर हैं जो वहां की मंडियों में खरीदी जा सके | इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार के द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल ई-नाम की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी | इस पोर्टल पर सरकार द्वारा नई-नई मंडियां एवं नए फीचर्स लगातार जोड़े जा रहे हैं जिससे किसान आसानी ऑनलाइन अपनी उपज बेच सकें | अभी हाल में कुछ ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जिससे किसान घर या खेत से सीधे अपनी उपज बेच सकते हैं | इसके अतिरिक्त राज्यों की विभिन्न मंडियों को भी जोड़ा जा रहा है | 

ऑनलाइन पोर्टल ई-नाम पर जोड़ी गई 177 नई मंडिया

केन्‍द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री, श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने कृषि विपणन को मजबूत करने और किसानों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल की उपज बेचने की सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम) के साथ 177 नई मंडियों को जोड़ा गया । जोड़ी गई मंडियां इस प्रकार हैं: गुजरात (17), हरियाणा (26), जम्‍मू और कश्‍मीर (1), केरल (5), महाराष्ट्र (54), ओडिशा (15), पंजाब (17), राजस्थान (25), तमिलनाडु (13) और पश्चिम बंगाल (1)। 177 अतिरिक्त मंडियों के शुभारंभ के साथ, देश भर में ईएनएएम मंडियों की कुल संख्या 962 हो गई है। इससे पहले, 785 मंडियों को 17 राज्यों और 2 संघ शासित प्रदेशों में ईएनएएम के साथ जोड़ा गया था |

किसान एवं व्यापारी दोनों को हो रहा है फायदा

पोर्टल का उपयोग करने वाले 1.66 करोड़ किसान, 1.30 लाख व्यापारी और 71,911 कमीशन एजेंट थे। ईएनएएम प्लेटफॉर्म पर 9 मई 2020 तक, कुल 3.43 करोड़ मीट्रिक टन और संख्‍या में 37.93 लाख (बांस और नारियल) का कारोबार किया गया जिसका सामूहिक मूल्‍य 1 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। ईएनएएम प्‍लेटफॉर्म के रास्‍ते 708 करोड़ रुपये का डिजिटल भुगतान किया गया जिससे 1.25 लाख से अधिक किसानों को फायदा हुआ है। ईएनएएममंडी /राज्य की सीमाओं से परे व्यापार की सुविधा देता है।

12 राज्यों में अंतर-मंडी व्यापार में कुल 236 मंडियों ने भाग लिया, जबकि 13 राज्यों /संघ शासित प्रदेशों ने अंतर-राज्य व्यापार में हिस्‍सा लिया, जिससे किसानों को दूर के व्यापारियों के साथ सीधे बातचीत करने की अनुमति मिलती है। वर्तमान में, खाद्यान्न, तिलहन, रेशे, सब्जियों और फलों सहित 150 वस्तुओं का व्यापार ईएनएएमपर किया जा रहा है। ईएनएएम प्लेटफॉर्म पर 1,005 से अधिक एफपीओ पंजीकृत हैं और इसने 7.92 करोड़ रुपये मूल्य की 2900 मीट्रिक टन कृषि उपज का कारोबार किया है।

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