//कृषि विपणन

कृषि विपणन

भूमिका

किसान अपनी उपज की कीमत जानकारी एममार्कनेट वेबसाइट पर या किसान कॉल सेंटर अथवा एस०एम०एस०  के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं|

  • किसी सुचना की आवश्यकता पर एस०एम०एस० करें
  • खरीदकर एवं विक्रेता का पोर्टल पर उपलब्ध है|
  • उचित समय पर कटनी एंव दवनी करें|
  • अधिक मूल्य पाने के लिए उचित ग्रेडिंग, पैकिंज और लेवलिंग करें|
  • उपज का लाभकारी मूल्य पाने के लिए उचित बाजार/मंडी में परिवहन किया जाना चाहिए|
  • अधिकतम लाभ के लिए उपज का भंडारण करके ऑफ़ सीजन में बिक्री करना चाहिए|
  • मजदूरन बिक्री से बचें|
  • बेहतर विपणन सुविधाओं के लिए किसान समूह में सरकारी मार्केटिंग कर सकता है|
  • विपणन सरकारी समितियाँ खुदरा एवं थोक दूकान खोल सकती है|
  • मजदूरन बिक्री से बचने के लिए किसान उपज भंडारण के लिए शीत भंडारण और गोदाम का संचालक कर सकते हैं

क्या पायें?

क्रम स.

सुविधा का प्रकार

कोटि

अधिकतम अनुदान

लागत  पर अनुदान की दर

1000 मी०टन तक रु०/प्रति मी०टन

1000 से 30,000 मी०टन

अधिकतम लाख रु०

स्कीम

1.

i. भंडारण संरचना  परियोजना-कृषि  विपणन सरचना(आई० एस०एम०एस०) के अंतर्गत सब स्कीम

पूर्वोत्तर, सिक्किम, अंडामन निकोबार एवं लक्षद्वीप एवं पर्वतीय क्षेत्र

33.३३ %

13.33.20

13.33.20

400.00

कृषि विपणन के लिए समन्वित  योजना (आई० एस०एम०एस०)

ii. ग्रामीण भंडारण योजना

दूसरे क्षेत्रों पंजीकृत एफ०पी०ओ० पंचायत, महिला, पिछड़ी जाति, जनजाति के लाभुक या उनके सहकारी समितियां/स्वयंसेवी समूह

33.३३ %

1166.55

1.000.00

300.00

अन्य कोटि के लाभुकों के लिए

25%

875%

750.00

225.00

सहायता की कोटि/अधिकतम सीमा

क्रम स.

सुविधा का प्रकार

कोटि

अनुदान की दर

अधिकतम अनुदान

स्कीम

  1. अन्य विपणन सरचना के अंतर्गत सब स्कीम ए०एम०आई० परियोजना

पूर्वोत्तर, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अंडामन निकोबार एवं लक्षद्वीप एवं पर्वतीय क्षेत्र

33.33%

50.00

(आई० एस०एम०एस०)

विकास की योजनाएँ/कृषि   विपणन संरचना  का सुदृढ़ीकरण, ग्रेडिग और मानवीकरण के लिए

दूसरे क्षेत्रों ने निबंधित  एफ०पी०ओ० पंचायत महिला उद्यमी, पिछड़ी जाति, जनजाति, सहकारिता समिति

33.33%

50.00

अन्य कोटि के लाभुकों के लिए

25%

400%

योग्य विपणन संरचना

  • कटाई उपरांत प्रबंधन के लिए सभी विपणन संरचना
  • बाजार प्रयोगकर्ता के लिए सार्वजनिक सुविधा जैसे-मार्केट प्रांगण
  • ग्रेडिंग, मानकीकरण, गुणप्रमाणिकता, लेवलिंग, पैकजिंग, मूल्य वृद्धि सुविधाएँ (उत्पादन के रूप को बिना बदलें)
  • उत्पादक से उपभोक्ता तक सीधे विपणन के लिए संरचना/संस्करण, इकाई/थोक खरीदकर इत्यादि के लिए संरचना|
  • वाहन जिसका प्रयोग कृषि उत्पाद के परिवहन तथा आपूर्ति श्रृंखला के लिए आवश्यक है|

अनुदान एवं ऋण के लिए कहाँ आवेदन दें?

  • कॉमशियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा राज्य सहकारी बैंक इत्यादि|
  • राष्ट्रीय सहकारी विकास कॉपरेशन सहकारी योजनाओं के लिए|
  • विस्तृत सूचना(आई०एस०एम०) के मार्गदर्शिका पर बेवसाइट पर उपलब्ध है|

स्रोत: – कृषि एवं गन्ना विकास विभाग, झारखण्ड सरकार|

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