/जैविक खेती के जरिये किसानों को उद्यमी बनाएगी सरकार, दो दिन के प्रशिक्षण का शुल्क है 5000 रुपये

जैविक खेती के जरिये किसानों को उद्यमी बनाएगी सरकार, दो दिन के प्रशिक्षण का शुल्क है 5000 रुपये

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 14 Nov 2019 10:39 AM IST

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कहते हैं किसानों को जन्म से ही खेती-किसानी आती है। लेकिन जैविक खेती कैसे की जाए, इसमें आगे क्या संभावना है, खेती के लिए वित्त पोषण कहां से होगा और उत्पाद के लिए बाजार कैसे मिलेगा, इसका गुर सिखाने के लिए केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय सामने आया है। राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) में इस तरह का पाठ्यक्रम शुरू हो गया है।

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कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बिगड़ती आवोहवा के बीच जैविक खेती समय की मांग है। अच्छी बात यह है कि इन उत्पादों की न सिर्फ विदेश में खपत है, बल्कि भारत में भी इसका बाजार तेजी से विकसित हो रहा है।

इसे देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने देश के कई हिस्सों में जैविक खेती को बढ़ावा देने का खाका खींचा है। इसी क्रम में सिक्किम में तो पूरे राज्य को जैविक खेती वाला राज्य घोषित कर दिया गया है। साथ ही हर राज्य में कुछ जिलों का चयन जैविक खेती के लिए हुआ है। 


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अधिकतर किसानों को नहीं है जानकारी  

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