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पशु प्रबंध

परिचय

श्री राजकुमार के पास 25  पशुओं के लिए आवास व्यवस्था है साथ ही पशुओं को काफी खुला स्थान भी दिया गया जहाँ पशु समय-2 पर आराम कर सकें। श्री राज ने अलग से 20 बछड़ियों  को पाल रखा है जिन्हें वह गाय बनाकर बेचना चाहता है। ये अपने पशुओं को समय-समय पर अन्तः परजीवियों के लिए दवाई देते हैं परजीवियों को नियंत्रण में रखने के लिए दवाई लगाते हैं। श्री राजकुमार पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए खुर पका मुहँ पका वैक्सीन प्रति वर्ष एक  बार व गोलगोटू वैक्सीन प्रति वर्ष एक बार लगाई जाती है। पशुओं की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। पशुओं के लिए साफ पानी की व्यवस्था है। श्री राजकुमार  अपने  पशुओं का अधिक से अधिक हरा चारा उपलब्ध कराते हैं व स्वयं बनाकर दाना उपलब्ध कराते हैं।

पशु प्रजनन

श्री राज कुमार  अपने पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान द्वारा गाभिन कराते हैं। जिसके लिए पशु व्यवस्था राष्ट्रीय डेरी अनुसन्धान, करनाल विभाग उत्तरप्रदेश व् हैसर गट्टा (कर्नाटका) से करते हैं। श्री राजकुमार अपने पशुओं के अतिरिक्त गाँव के पशुओं का भी कृत्रिम गर्भाधान करते हैं।

दूध उत्पादन एवं इससे आर्थिक लाभ

श्री राज कुमार प्रतिदिन 100 लीटर दूध पशुओं से प्राप्त करके बेचते हैं। वे भैंस 13 रु. प्रति लीटर व गायों का दूध 10 रु. लीटर बेचते हैं व प्रतिमाह लगभग हजार रु. का शुद्ध लाभ पशुपालन से कमाते हैं। इसके अतिरिक्त वे कुछ कमाई गर्भाधान एवं प्राथमिक पशु चिकित्सा करके भी प्राप्त करते हैं।

कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार

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