//बेरहम मौसम, बेहाल किसान: कपास की फसल में हर सप्ताह कीटनाशक का छिड़काव जरूरी

बेरहम मौसम, बेहाल किसान: कपास की फसल में हर सप्ताह कीटनाशक का छिड़काव जरूरी

मनीष मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Updated Fri, 17 Jul 2020 05:18 AM IST

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सार

  • एक डिग्री औसत तापमान और कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर बढ़ने से कीटों का प्रकोप
  • बारिश कम हुई तो सूखे से फसल चौपट, ज्यादा हुई तो पौधा सूख जाएगा

विस्तार

शेख समदानी को कपास की खेती को बचाने के लिए हर वक्त चौंकन्ना रहना पड़ता है। बारिश कम हुई तो सूखे से फसल चौपट, ज्यादा हुई तो पौधा सूख जाएगा, तापमान बढ़ने पर कीटों से बचाने के लिए हर हफ्ते कीटनाशक का छिड़काव।

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महाराष्ट्र के नांदेड़ के गांव रायवाड़ी में रहने वाले शेख कपास की खेती में लगातार बढ़ रहीं समस्याओं पर कहते हैं, खेती जून से दिसंबर तक चलती है, इस बीच अगर बारिश अधिक हो गई तो पौधा गिर जाता है और सूख जाता है। पिछले साल पौधे सूख गए थे। इसे पानी तो चाहिए लेकिन धान जितना नहीं।

अगर खेत में आठ से दस दिन पानी रुक गया तो पौधा सूख जाएगा। मौसम में गर्मी बढ़ने से कीटों का हमला बढ़ता जा रहा है। कीटों से कपास की फसल को बचाने के लिए समदानी जैसे किसानों को फसल में आठ से दस बार कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ता है। यहां तक कि बीटी कॉटन में भी कीटों की समस्या बढ़ती जा रही है। कीटों की समस्या वातावरण में आई गर्मी से है।

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मुश्किल : बीटी कपास में भी कीट

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