//मत्स्य संपदा योजना के तहत 60 प्रतिशत सब्सिडी पर मछली पालन की शुरुआत करने के लिए आवेदन करें

मत्स्य संपदा योजना के तहत 60 प्रतिशत सब्सिडी पर मछली पालन की शुरुआत करने के लिए आवेदन करें

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत आवेदन

वर्ष 2022 तक किसानों कि आय को दुगना करने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने तय किया है | इसके लिए कृषि के अलग–अलग क्षेत्र में किसानों कि आय बढ़ाने की जरुरत को देखते हुए सरकार द्वारा पशुपालन एवं मछली पालन की योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है | देश में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य संपदा योजना की शुरुआत की गई है,  जिसे पूरे देश में लागू किया गया है | योजना का उद्देश्य नीली क्रांति के माध्यम से देश में मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत और जवाबदेह विकास को सुनिश्चित करना है।

योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए मत्स्य पालन के लिए इच्छुक लाभार्थी के लिए सब्सिडी हेतु आवेदन मांगे गए हैं | इससे कम पूंजी में भी मछली पालन किया जा सकता है | राज्य सरकार इच्छुक किसानों को 60 प्रतिशत तक कि सब्सिडी दे रही है | यह योजना किसानों के लिए ऐसे समय में शुरू किया गया है जिस समय कोविड–19 के दौर में किसानों की आय में कमी के साथ–साथ रोजगार पर भी असर पड़ा है |

मछली पालन हेतु तालाब (हैचरी) निर्माण  एवं अन्य कार्यों पर सब्सिडी

योजनांतर्गत सामान्य श्रेणी तथा अनुसूचित जाती और अनुसूचित जनजाति के आवेदकों को अलग – अलग सब्सिडी दी जा रही है | सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को कुल इकाई लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति , महिला लाभार्थियों को अधिकतम 60 प्रतिशत की अनुदान धनराशी दी जा रहा है | लाभार्थियों को देय अनुदान की धनराशी दो अथवा तीन किश्तों में उपलब्ध करायी जाएगी जो बैंक के द्वारा खाता में दिया जायेगा |

योजना के तहत यह कर सकते हैं आवेदन

योजना के अन्तर्गत का लाभ मछुआ, मत्स्य पालक, मछली बेचने वाले, स्वयं सहायता समूह, मत्स्य उधमी, निजी फर्म, फिश फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन / कम्पनीज, अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति, महिला आदि लाभार्थीपरक परियोजनाओं हेतु आवेदन कर सकते हैं |

मत्स्य सम्पदा योजना के लिए दिशा-निर्देश

  • योजना में व्यक्तिगत लाभार्थी हेतु तालाब निर्माण इत्यादि परियोजनाओं के लिए0 हेक्टेयर तक की सीलिंग निर्धारित की गयी परन्तु समूह में 2.0 हेक्टेयर के गुणांक में उसके सदस्यों के लिए 20.00 हेक्टेयर तक की सीलिंग निर्धारित है |
  • योजना का लाभ लेने के लिए स्वयं की भूमि की व्यवस्था कर सकते हैं परंतु इंफ्रास्ट्रकचर परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 10 वर्ष की पट्टा अवधि एवं शेष परियोजनाओं के लिए 7 वर्ष से कम का पट्टा अवधि अनुमन्य नहीं है |
  • भूमि क्रय करने, पट्टे पर लेने के लिए परियोजनाओं में धनराशी का प्रावधान नहीं है |
  • लाभार्थी को प्रमाण–पत्र के माध्यम से यह घोषणा करनी होगी कि परियोजना हेतु प्रस्तावित भूमि विवाद रहित है |
  • पट्टे की भूमि पर लाभार्थी द्वारा कोई योजना क्रियान्वित की जाती है तथा पट्टा किन्हीं कारणों से निरस्त होता है तो लाभार्थी को 12 प्रतिशत ब्याजदर से अथवा बैंक ब्याजदर से इनमें जो भी दर अधिक होगी, सहित योजना हेतु उपलब्ध करायी गयी अनुदान धनराशी ब्याज सहित मत्स्य विभाग को वापस करना अनिवार्य होगा |

वेदक के आवेदन से पहले यह सब दस्तावेज साथ रखें

आवेदनकर्ता को इच्छुक परियोजना हेतु पूर्ण परियोजना प्रस्ताव सहित ऑनलाइन आवेदन करना होगा जिसके लिए पोर्टल पर उपलब्ध मत्स्य समृद्धि फार्म ऑनलाइन भरने के साथ अपना फोटो , आधार कार्ड, निर्धारित प्रारूप पर 100 रूपये के स्टाम्प पर नोटरी प्रमाण–पत्र बैंक से यदि ऋण लेना चाहते हैं तो बैंक का अग्रिम स्वीकृत पत्र व भूमि सम्बन्धित अभिलेख अपलोड करना होगा | लाभार्थी का चयन प्रथम आगत प्रथम पावत के सिद्धांत पर किया जायेगा |

मछली पालन की शुरुआत के लिए 10 अगस्त तक यहाँ करें आवेदन

उत्तर प्रदेश के किसनों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) कि आवेदन चल रहे है | इच्छुक किसान आवेदन कर सकते हैं आवेदन का अंतिम तिथि 10 अगस्त 2020 है |प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की गाइड लाइन में निहित अनुमन्य मात्सिकी गतिविधियों निर्धारित मानक एवं अहर्ता का विस्तृत विवरण मत्स्य विभाग उत्तरप्रदेश http://fisheries.upsdc.gov.in/hi-in/ एवं भारत सरकार के मात्सिकी, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, नई दिल्ली के वेबसाइट http://dof.gov.in/ पर भी देखा जा सकता है अथवा मत्स्य विभाग के सम्बंधित जनपद/ मंडल स्तरीय कार्यालय से भी सम्पर्क कर किया जा सकता है |

मत्स्य संपदा योजना उत्तरप्रदेश हेतु आवेदन के लिए क्लिक करें

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