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महिला समृद्ध योजना में लाभ लेने के लिए इस तरह करें आवेदन

सरकार की तरफ से महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. जिनके माध्यम से सरकार महिलाओं को अपने व्यवसाय की शुरुआत करने के लिए सहायता प्रदान कराती है. सरकार के की इन योजनाओं की वजह से आज काफी महिलाएं है जो अपना खुद का व्यवसाय चलाती हैं. आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिलती हैं. आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं.

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महिला समृद्ध योजना

ऐसे में सरकार की तरफ से पिछड़ी जाती की महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए महिला समृद्धि योजना चलाई जा रही है. इस योजना का लाभ काफी महिलाएं उठा चुकी हैं. सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना से जुड़ने के बाद महिला ना केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई है बल्कि समाज में उनकी भागीदारी भी देखने को मिली है. इस योजना से जुडी महिलाओं को सरकार की तरफ से 60 हजार तक का लोन दिया जाता हैं. जिस पर ब्याज की राशि बहुत कम लगाई जाती है. इस योजना की शुरुआत महिलाओं के उत्थान के लिए किया गया था.

महिला समृद्धि योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य पिछड़े वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. जिससे वो अपना विकास कर सके. इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को लोन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त और विकास निगम के द्वारा प्रदान किया जाता है.

योजना में माध्यम से मिलने वाली धनराशि और उस पर ब्याज

इस योजना में दी जाने वाली राशि 60 हजार होती है. जो क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक या राष्ट्रीय बैंको के माध्यम से दी जाती हैं. इस योजना में कुल राशि का 95 प्रतिशत दिया जाता हैं. जबकि बाकी बची 5 प्रतिशत राशि राज्य चेनलाइजिंग इकाइयों द्वारा वित पोषित किया जाता है. इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली कुल लोन की राशि पर दो तरह से ब्याज लगता हैं. जिसमें लोन अगर सरकार की तरफ से सीधा दिया जाता हैं तो एक प्रतिशत की दर से लगता हैं. जबकि राज्य चेनलाइजिंग के माध्यम से मिलने वाली राशि पर 4 प्रतिशत की दर से ब्याज लगता हैं.

योजना की पात्र महिलाएं

  1. इस योजना के माध्यम से लोन उन्ही महिलाओं को मिल पाता है जो पिछड़े वर्ग से संबंध रखती है. और उनकी वार्षिक आय गरीबी रेखा से दोगुनी नीचे होती है.
  2. अगर किसी महिला की वार्षिक आय तीन लाख हो तो उसके लिए लोन की अनुमति केंद्र सरकार की तरफ से दी जाती है. लेकिन जिनकी वार्षिक आय डेढ़ लाख या इससे कम होती है तो उन्हें बैंक या राज्य चेनलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से कुल राशि का 50 प्रतिशत प्रदान किया जाता है.
  3. इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की न्यूनतम आयु 18 साल होनी चाहिए.
  4. योजना के लिए अप्लाई करने वाली महिला पर किसी तरह का कोई अपराधिक मामला नही होना चाहिए.

योजना में लोन लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज

इस योजना का लाभ लेने के लिए कई तरह के दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है.

  1. पहचान पत्र – इस योजना में लाभ लेने के लिए पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड होने चाहिए. इसके अलावा मूल निवास के लिए राशन कार्ड की जरूरत होती हैं.
  2. आय प्रमाण पत्र – इस योजना में आवेदन करने से पहले आय प्रमाण का होना जरूरी है. क्योंकि योजना की पात्र महिला को दो तरह की श्रेणी में रखा गया हैं. जिन्हें डेढ़ और तीन लाख रूपये की वार्षिक आय के आधार पर शामिल किया जाता है. तीन लाख से ज्यादा आय वाली महिलाओं को इसका लाभ नही मिल पाता.
  3. जाती प्रमाण पत्र – इस योजना का लाभ केवल विकलांग, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को दिया जाता है. इसके लिए उनकी जाती का प्रमाण पत्र होना जरूरी है. और विकलांग महिलाओं का विकलांग प्रमाण पत्र होना जरूरी है.
  4. बैंक खाता – इस योजना के माध्यम से मिलाने वाली मूल राशि सीधी लाभार्थी के के बैंक खाते में दी जाती हैं. जिसके लिए लाभार्थी का बैंक एकाउंट होना जरूरी होता है.
  5. फोटो – आवेदन कर्ता की पासपोर्ट आकार की फोटो की जरूरत होती है. जिन्हें फॉर्म भरने के दौरान लगाया जाता है.

लोन के लिए कैसे अप्लाई करें

इस योजना में अप्लाई करने के लिए सबसे पहले अपने नजदीकी किसी राज्य चेनलाइजिंग एजेंसि में जाना होगा. जहां से इस योजना का एक एप्लीकेशन फर्म लेकर उसकी सम्पूर्ण जानकारी अच्छे से भरनी होगी. जानकारी पूर्ण रूप से सही होनी चाहिए. जानकारी भरने के बाद उसके साथ आवश्यक सभी दस्तावेजों की फोटो-कॉपी को लगाकर वापस राज्य चेनलाइजिंग एजेंसियों के कार्यालय में जमा करा दें. फॉर्म के जमा हो जाने के बाद उक्त अधिकारियों द्वारा फॉर्म को देखा जाता है. फॉर्म के सही होने की स्थिति में लोन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती हैं. जिसके बाद लोन की राशि सीधी आवेदन कर्ता के बैंक एकाउंट में जमा हो जाती हैं.

लोन की अदायगी

लोन मिलने के बाद उसकी अदायगी की सीमा 6 माह की छूट अवधि और चार महीने की क्रियान्वयन अवधि के साथ लगभग चार साल निर्धारित की गई है. जिसमें तीन तीन महीनों के अंतराल में इसका भुगतान किस्तों के रूप में किया जाता है. इस अवधि की शुरुआत बैंक में लोन की राशि जमा होने के तुरंत बाद शुरू हो जाती हैं

योजना के लाभ और विशेषताएँ

इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ विकलांग, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को दिया जाता हैं. जिसके माध्यम से उनका आर्थिक विकास होता है. इस योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण विकास मंत्रालय की तरफ से किया जाता है.

इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से पिछड़ चुकी महिलाएं अपने पैरों पर आसानी से खड़ी हो सकती हैं. और अपना खुद का छोटा व्यवसाय भी चला सकती है. इससे महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. और आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ जायेगी. इससे महिला समाज में अधिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा.

सरकार द्वारा इस योजना के शुरू होने की वजह से लोगों को आसानी से रोज़गार भी मिल रहा है. जो गरीब और पिछड़ी महिलाओं के लिए एक माइक्रो फाइनेंस जैसी चीज़ हैं.

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