/18 लाख से अधिक किसानों को दिया गया बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से फसल नुकसानी का मुआवजा

18 लाख से अधिक किसानों को दिया गया बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से फसल नुकसानी का मुआवजा

फसल नुकसानी का मुआवजा

वर्ष 2019–20 के रबी वर्ष में बेमौसम बारिश, आंधी तथा ओलावृष्टि के कारण किसानों को काफी फसल का नुकसान का उठाना पड़ा था | इसकी भरपाई के लिए अलग–अलग राज्य सरकार ने अपने तरफ से किसानों को सहायता राशी देने की घोषणा की थी | जिन राज्यों में किसानों फसल बीमा था उन सभी राज्य के किसानों को फसल बीमा राशि दिया जा रहा है  लेकिन जिन राज्यों में फसल बीमा नहीं था उन सभी किसानों को राज्य सरकार के तरफ से अन्य योजना के मध्य में सहायता राशि उपलब्ध करवाई जा रही है | इस क्रम में बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को कृषि इनपुट के अंतर्गत नुकसानी कि भरपाई की है |

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राज्य सरकार ने रबी मौसम के फरवरी, मार्च तथा अप्रैल माह में हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन मांगे गए थे | इसके साथ ही बागवानी तथा सब्जी की खेती के लिए किसानों से अलग से आवेदन ऑनलाइन लिए गए थे | जिन किसनों ने आवेदन किया था उनका फ़ार्म जाँच कर खाते में पैसा दे दिया गया है | किसान समाधान कृषि इनपुट की पूरी जानकारी लेकर आया है |

अभी तक कितने किसानों को किया गया भुगतान

कृषि मंत्री डॉ.प्रेम कुमार के अनुसार राज्य के 18,39,666 किसानों के बैंक खाते में कृषि इनपुट अनुदान के रूप में 5,68,14,46,591 रूपये अंतरित कर दी गई है, जिनमें फरवरी माह में हुई फसल क्षति के लिए 1,98,445 किसानों के खाते में 57,51,01,517 रूपये, मार्च माह में हुई फसल क्षति के लिए 10,97,835 किसानों के बैंक खाते में 3,79,06,76,508 रूपये तथा अप्रैल माह में हुई फसल क्षति के लिए 5,43,386 किसानों के खाते में 1,31,56,68,565 रूपये शामिल है |

अभी इन किसानों को दिया जाना है कृषि इनपुट अनुदान

कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा इस वर्ष अप्रैल माह में रबी मौसम असामयिक वर्षापात/ओलावृष्टि के कारण कृषि एवं बागवानी फसल अर्थात आम, लीची, फूल, सब्जी, पाँ आदि की खेती को हुए क्षति की भरपाई हेतु कृषि इनपुट अनुदान के लिए किसानों ने आवेदन किया है | शेष आवेदनों की जांच की जा रही है | जांच के बाद शीघ्र ही, किसानों के खाते में कृषि इनपुट अनुदान की राशी अंतरित की जायेगी |

फरवरी माह में राज्य के 11 जिलों में हुई थी फसल क्षति

भागलपुर, जहानाबाद, कैमूर, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, वैशाली, बक्सर, गया, मुजफ्फरपुर, पटना तथा औरंगाबाद, जिलों को शामिल किया गया था |

23 जिलों में हुई थी मार्च माह में क्षति

पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, भभुआ, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, औरंगाबाद, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चम्पारण, दरभंगा, समस्तीपुर, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, भागलपुर, बाँका, मधेपुरा तथा किशनगंज के 196 प्रखंडों को शमिल किया गया था |

अप्रैल माह में इन 19 जिलों में हुई थी क्षति

गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, समस्तीपुर, बेगुसराय, लखीसराय, खगड़िया, भागलपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज तथा अररिया के प्रतिवेदित 148 प्रखंडों में खाद्यान के साथ–साथ बागवानी फसलों को क्षति हुई थी |

किसानों को फसल क्षति को दिया जायेगा मुआवजा

प्रभावित जिलों के किसानों को कृषि इनपुट अनुदान वर्षाश्रित यानी असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 6,800 रूपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए किसानों को 13,500 रूपये प्रति हेक्टेयर तथा शाश्वत फसल के लिए 18,000 रूपये हेक्टेयर की दर से यह अनुदान दिया जा रहा है | सरकार द्वारा प्रभावित किसानों को इस योजना के अंतर्गत फसल क्षेत्र के लिए कम से कम 1,000 रूपये अनुदान दिया जायेगा | यह पैसा किसान के आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में दिया गया है |

कृषि इनपुट अनुदान हेतु आवेदन की स्थिति देखने के लिए क्लिक करें

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