नगालैंड में मुर्गीपालन से स्वरोजगार

मुर्गीपालन से स्वरोजगार नगालैंड जैसे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में मुख्यतया घर-आंगन में देसी मुर्गियां पाली जाती हैं। यहां की शत-प्रतिशत मांसाहारी आबादी को अंडे और मांस की आपूर्ति पूरा करने के लिए नगालैंड में…

संरक्षित खेती

परिचय हमारे देश में जहाँ आबादी एक अरब पन्द्रह करोड़ से भी अधिक है वहाँ 35-40 प्रतिशत जनसंखया केवल शहरों में रह रही है तथा शहरी आबादी का यह अनुपात वर्ष 2025 तक लगभग 60…

मसूर की खेती

भूमिका उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश व बिहार में मुखय रूप से मसूर की खेती की जाती है। इसके अलावा बिहार के ताल क्षेत्रों में भी मसूर की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है।…

ग्रीष्म कालीन उरद की खेती

भूमिका उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश के सिंचित क्षेत्र में अल्पावधि (60-65 दिन) वाली दलहनी फसल उरद की खेती करके किसानों की वार्षिक आय में आशातीत वृद्धि संभव है। साथ ही मृदा संरक्षण/उर्वरता…

फलों की खेती

फल फसलें फल विटामिन एवं खनिज लवणों के उत्तम साधन है। फल सुमधुर स्वाद के कारण सभी को भाते हैं। फलों का चुनाव जलवायु एवं स्थान की उपलब्धता पर निर्भर करता है। परिनगरीय खेती एवं…

जैव विविधता आधारित जैविक कृषि

परिचय हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है| सदियों से मानव सभ्यतायें कृषि को महत्वपूर्ण स्थान देता आ रही हैं| प्राचीन कृषि पूर्ण रूप से परम्परागत ज्ञान पर आधारित थी| मानव ने शताब्दियों के प्रयोगों…

जैविक कीटनाशक एवं रोग नियंत्रण

परिचय कृषि में कीट व रोग हमेशा ही किसानों व वैज्ञानिकों को लिए बड़ी चुनौती रहे हैं| दुनिया भर में कीट व रोग नियंत्रण के रासायनिक तरीके बुरी तरह बुरी तरह नाकामयाब साबित हो चुके…

कृषि-वानिकी

परिचय भूमि की ऊपरी सतह की मिट्टी का एक बार क्षरण या अत्यधिक विदोहन होने पर इसे पुनः उपजाऊ बनाने में काफी समय लग जाता ही| मिट्टी ऐसा प्राकृतिक संसाधन है जिसका नवीनीकरण यदि असम्भव…