नौकरी छोड़कर केले की खेती करने में लगे…

परिचय बिहार के युवा इन दिनों प्राइवेट नौकरी छोड़कर अब केले की खेती करने में लगे हैं। इतना ही नहीं आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन युवा किसानों की किस्मत केले की खेती ने चमका…

मछली पालन से गोपालगंज के राजेश को मिले…

परिचय बिहार के गोपालगंज जिले के सिधवलिया प्रखंड के गोपालपुर गांव का रहना वाला किसान राजेश सिंह आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस किसान को गन्ने की खेती व मछलीपालन में नेशनल अवार्ड…

फल एवं सब्जियों के तुड़ाई उपरांत उचित देखभाल…

परिचय हमारे देश में फल एवं सब्जी का उत्पादन प्रति वर्ष क्रमशः 50 मिलियन टन एवं 94 मिलीयन टन हो रहा है, जो पूरे विश्व में दूसरे स्थान पर है। यदि उपलब्ध आंकड़ों पर ध्यान…

समेकित कीट प्रबन्धन

समेकित कीट प्रबन्धन अधिक उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों एवं आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाया जा रहा है।खासकर झारखण्ड के किसान सब्जियों के उप्तादन में नई-आणि किस्मों (हाईब्रिड) का उपयोग कर रहे हैं। वहीँ दूसरी…

फल वृक्ष आधारित बहुस्तरीय फसल प्रणाली

परिचय पूर्वी भारत के जन-जातीय बहुल वर्षाश्रित पठारी क्षेत्रों में कृषि योग्य टांड़ भूमि प्रायः धान अथवा मोटे अनाजों की खेती हेतु प्रयोग में लाई जाती है। इन फसलों की उत्पादन क्षमता कम होने के…

फूलों की खेती एवं उनके लाभ

परिचय झारखण्ड में व्यवसायिक स्तर पर फूलों की खेती आरभिक स्तर पर भी है। वर्तमान में गुलाब,जरबेरा, गेंदा, रजनीगन्धा, ग्लेडियोलस तथा अन्य शोभाकारी पौधे प्रमुख हैं। जिनकी खेती की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। इसके अलावा…

सुंगधित एवं औषधीय पौधों की खेती

सर्पगंधा सर्पगंधा  एपोसाइनेंसी कुल पौधा है। सर्पगंधा की कई प्रजातियाँ होती है। सर्पगंधा  के जड़ औषधि के रूप में प्रयोग में लाये जाते हैं। इसके पौधे की ऊंचाई 30 से 75 सेंटीमीटर तक की होती…