अम्लीय मृदा में चूना/डालोमाईट का प्रयोग एवं प्रबन्धन

परिचय झारखण्ड में लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि अम्लीय भूमि के अंतर्गत आती है, जो मुख्यतः दुमका, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम, रांची, गुमला एवं गढ़वा जिलों में पायी जाती हैं।  अम्लीय भूमि को समस्या…

उत्तर प्रदेश में गन्ने की वैज्ञानिक खेती

गन्ने की फसल चक्र एक निश्चित भू-भाग पर निश्चित समय में भूमि की उर्वरता को बिना क्षति पहुंचाये, कम से कम व्यय करके क्रमबद्ध फसलें उगाकर अधिकतम लाभ अर्जित करने की प्रक्रिया को फसल चक्र…

झारखण्ड राज्य में अधिक पैदावार के लिए अम्लीय…

परिचय भारत वर्ष में  विश्व की लगभग 17% जनसंख्या मात्र 2.5% भौगोलिक क्षेत्र पर निवास करती है।  हर वर्ष जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।  लगातार शहरी व औद्योगिकीकरण के कारण कृषि योग्य…

जैविक विधि द्वारा कीट नियंत्रण विधि

परिचय आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि फसलों पर लगने वाले हानिकारक कीटों से मुक्ति का एकमात्र उपाय कीटनाशी रसायनों का उपयोग ही है। हमारी इस सोच के पीछे इन रसायनों का इतिहास छुपा…