गुलदाउदी मूलत: तीन प्रकार की होती है- पहली बड़ी, दूसरी छोटी और तीसरी मिनी। बड़ी प्रजाति में करीब 13 आकार के फूल आते हैं, जैसे स्पाइडर, ट्यूबलर, रेफ्लेक्स, इनकर्व, डेकोरेटिव आदि। छोटी में करीब छह-सात आकार के फूल आते हैं, जैसे एनीमोन, पॉम्पन, डेकोरेटिव, स्प्रे, कोरियन और नो पिंच नोRead More →

जब गेहूं के बीज को अच्छी उपजाऊ जमीन में बोया जाता है तो कुछ ही दिनों में वह अंकुरित होकर बढ़ने लगता है और उसमें पत्तियां निकलने लगती है। जब यह अंकुरण पांच-छह पत्तों का हो जाता है तो अंकुरित बीज का यह भाग गेहूं का ज्वारा कहलाता है। औषधीयRead More →

दुनिया में गेहूँ के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत ने इस फसल की बेहद खतरनाक माने जाने वाली बीमारी यूजी-99 के संक्रमण की प्रतिरोधक क्षमता रखने वाली गेहूँ की 22 किस्में विकसित की हैं।करनाल (हरियाणा) स्थित गेहूँ शोध निदेशालय (डीडब्ल्यूआर) के परियोजना निदेशक एसएस सिंह ने बताया, अपने शोधRead More →

गुलाब एक बहुवर्षीय, झाड़ीदार, कंटीला,पुष्पीय पौधा है जिसमें बहुत सुंदर सुगंधित फूल लगते हैं। इसकी १०० से अधिक जातियां हैं जिनमें से अधिकांश एशियाई मूल की हैं। जबकि कुछ जातियों के मूल प्रदेश यूरोप,उत्तरी अमेरिका तथा उत्तरी पश्चिमी अफ्रीका भी है। भारत सरकार ने१२ फरवरी को ‘गुलाब-दिवस’ घोषित किया है।Read More →

डेजर्ट पिटूनिया / मैक्सिकन पिटूनिया Mexican Petunia या Desert Petunia एक झाड़ीनुमा छोटा सा पौधा होता है. गर्मी और बरसात के मौसम में यह पौधा हरा-भरा रहता है और फूल देता रहता है. इसे आसानी से छोटे गमलों में उगाया जा सकता है. बीज से यह पौधा बहुत जल्दी लगताRead More →