पौधा लगाने की विधि: [1] पौधा गड्ढे में उतनी गहराई में लगाना चाहिए जितनी गहराई तक वह नर्सरी या गमले में या पोलीथीन की थैली में था। अधिक गहराई में लगाने से तने को हानि पहुँचती है और कम गहराई में लगाने से जड़े मिट्टी के बाहर जाती है, जिससेRead More →

भरतपुरघर के आंगन में धार्मिक महत्व के लिए लगाई जाने वाली तुलसी की अब व्यवसाय के तौर पर भी खेती की जाने लगी है। डीग के खेरिया पुरोहित के किसानों ने यह प्रयोग किया है। यहाँ करीब 30 बीघा क्षेत्र में तुलसी की खेती हो रही है। इसके पत्तो सेRead More →

नीम भारतीय मूल का एक सदाबहार वृक्ष है। यह सदियों से समीपवर्ती देशों- पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यानमार (बर्मा), थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों में पाया जाता रहा है।यह भी पढ़ेंनीम के फायदे : • नीम के पेड़ पूरे दक्षिण एशिया में फैले हैं और हमारे जीवन से जुड़े हुए हैं।Read More →

नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है।यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। यह अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार हजार सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहाRead More →

ईसबगोल एक औषधीय पौधा है। इसकी खेती सबसे अधिक भारत में की जाती है। राज्यों में – गुजरात पंजाब और उत्तर प्रदेश प्रमुख है जहां ईसबगोल एक नगद फसल के रूप में पैदा की जा रही है। ईसबगोल एक छोटा तना रहित शाकीय पौधा होता है इसके बीज का छिलका(भूसी)Read More →

चन्द्रशूर एक ऐसी रबी औषधीय फसल है, जो विभिन्न प्रकार की भूमियों में बहुत ही कम संसाधनों में व सीमित सिंचाई साधनों के साथ उगाई जा सकती है। चन्द्रशूर की प्रमुख विशेषताएं:- 1. चन्द्रशूर विभिन्न प्रकार की भूमियों में उगाया जा सकता है। 2. फसल की यदि 1-2 बार हीRead More →

गुलदाउदी मूलत: तीन प्रकार की होती है- पहली बड़ी, दूसरी छोटी और तीसरी मिनी। बड़ी प्रजाति में करीब 13 आकार के फूल आते हैं, जैसे स्पाइडर, ट्यूबलर, रेफ्लेक्स, इनकर्व, डेकोरेटिव आदि। छोटी में करीब छह-सात आकार के फूल आते हैं, जैसे एनीमोन, पॉम्पन, डेकोरेटिव, स्प्रे, कोरियन और नो पिंच नोRead More →

जब गेहूं के बीज को अच्छी उपजाऊ जमीन में बोया जाता है तो कुछ ही दिनों में वह अंकुरित होकर बढ़ने लगता है और उसमें पत्तियां निकलने लगती है। जब यह अंकुरण पांच-छह पत्तों का हो जाता है तो अंकुरित बीज का यह भाग गेहूं का ज्वारा कहलाता है। औषधीयRead More →