1. शीशम के फायदेशीशम को आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के रूप में प्रयोग किया जाता है। शीशम के पत्तों से निकलने वाले चिपचिपे पदार्थ को कई रोगों के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। इसके तेल कोदर्दनाशक, अवसादरोधी, सड़न रोकने वाले, कामोत्तेजक, जीवाणु रोधक, कीटनाशक और स्फूर्तिदायक आदि के तौर परRead More →

परिचय –शीशम (Shisham, Dalbergia Sissoo, The Blackwood, Rosewood) बहुपयोगी वृक्ष है। इसकी लकड़ी, पत्तियाँ,जड़ें सभी काम में आती हैं। इस की लकड़ी फर्नीचर एवं इमारती लकड़ी के लिये बहुत उपयुक्त होती है। पत्तियाँ पशुओं के लिए प्रोटीनयुक्त चारा होती हैं। जड़ें भूमि को अधिक उपजाऊ बनाती हैं। पत्तियाँ व शाखाएँRead More →

भरतपुरघर के आंगन में धार्मिक महत्व के लिए लगाई जाने वाली तुलसी की अब व्यवसाय के तौर पर भी खेती की जाने लगी है। डीग के खेरिया पुरोहित के किसानों ने यह प्रयोग किया है। यहाँ करीब 30 बीघा क्षेत्र में तुलसी की खेती हो रही है। इसके पत्तो सेRead More →

नीम भारतीय मूल का एक सदाबहार वृक्ष है। यह सदियों से समीपवर्ती देशों- पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, म्यानमार (बर्मा), थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका आदि देशों में पाया जाता रहा है।यह भी पढ़ेंनीम के फायदे : • नीम के पेड़ पूरे दक्षिण एशिया में फैले हैं और हमारे जीवन से जुड़े हुए हैं।Read More →

नीम में इतने गुण हैं कि ये कई तरह के रोगों के इलाज में काम आता है।यहाँ तक कि इसको भारत में ‘गांव का दवाखाना’ कहा जाता है। यह अपने औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेदिक मेडिसिन में पिछले चार हजार सालों से भी ज्यादा समय से इस्तेमाल हो रहाRead More →

वैज्ञानिक वर्गीकरण जगत: Plantaeविभाग: Magnoliophytaवर्ग: Magnoliopsidaगण: Gentianalesकुल: Apocynaceaeउपकुल: Asclepiadoideaeप्रजाति: Calotropisजाति: C. gigantea द्विपद नाम_Calotropis gigantea_(L.) मुझे फेसबुक पर देखेंमदार (वानस्पतिक नाम:Calotropis gigantea) एक औषधीय पादप है। इसको मंदार’,आक, ‘अर्क’ और अकौआ भी कहते हैं। इसका वृक्ष छोटा और छत्तादार होता है। पत्ते बरगद के पत्तों समान मोटे होते हैं। हरेRead More →

* सर्व सुलभ है ये पौधा हर जगह देखने को मिल जाता है लेकिन इसके उपयोग की जानकारी कम लोगो को है हम आपको इसके प्रयोग की जानकारी दे रहे है। * आक का पौधा दो प्रकार का होता है एक सफ़ेद और नीला। * आक की जड को पानीRead More →

ईसबगोल एक औषधीय पौधा है। इसकी खेती सबसे अधिक भारत में की जाती है। राज्यों में – गुजरात पंजाब और उत्तर प्रदेश प्रमुख है जहां ईसबगोल एक नगद फसल के रूप में पैदा की जा रही है। ईसबगोल एक छोटा तना रहित शाकीय पौधा होता है इसके बीज का छिलका(भूसी)Read More →