बिहार में व्यावसायिक स्तर पर हो चेरी की…

औरंगाबाद जिले की कहानी औरंगाबाद जिले के कुटुंबा प्रखंड के पुत्न गुड्डू के साथ ब्रजिकशोर मेहता ने चिल्कीबीघा में ही चेरी की खेती करने की ठान ली। पिछले साल 13 कट्ठा यानी एक बीघा से…

कालमेघ

परिचय कालमेघ एक बहुवर्षीय शाक जातीय औषधीय पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम एंडोग्रेफिस पैनिकुलाटा है। कालमेघ की पत्तियों में कालमेघीन नामक उपक्षार पाया जाता है, जिसका औषधीय महत्व है। यह पौधा भारत एवं श्रीलंका का…

पॉपुलर ट्री की खेती में लगे किसान

समृद्धि की नयी इबारत पॉपुलर ट्री की खेती मधेपुरा़ जिले के सिंहेश्वर प्रखंड के भवानीपुर में की जा रही है। पॉपुलर की लकड़ी से क्रिकेट का बल्ला, विकेट, कैरमबोर्ड, उसकी गोटी, दियासलाई आदि सामान बनाया…

पौधों को उगाकर नर्सरी व्यवासायी बना समरेंद्र

कुल लोग नये-नये प्रयोगों के जरिये न सिर्फ पैसा कमाते हैं बल्कि दूसरे लोगों के मार्गदर्शन भी बन जाते हैं। तमाम किसान नर्सरी को घाटे का सौदा बताने से नहीं चुकते, लेकिन इनके बीच जो…

सफेद मूसली

परिचय सफेद मूसली एक बहुत ही उपयोगी पौधा है, जो कुदरती तौर पर बरसात के मौसम में जंगल में उगता है| इस की उपयोगिता को देखते हुए इस की कारोबारी खेती भी की जाती है|…