भारत ने विकसित की 22 गेहूँ की किस्में…

दुनिया में गेहूँ के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश भारत ने इस फसल की बेहद खतरनाक माने जाने वाली बीमारी यूजी-99 के संक्रमण की प्रतिरोधक क्षमता रखने वाली गेहूँ की 22 किस्में विकसित की हैं।करनाल…

पपीते के रोग एवं उनकी रोकथाम

पपीते का वलय-चित्ती पपीते के वलय-चित्ती रोग को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे कि पपीते की मोजेक, विकृति मोजेक, वलय-चित्ती (पपाया रिंग स्पॉट) पत्तियों का संकरा व पतला होना, पर्ण कुंचन…

गेहूँ के जवारे

जब गेहूं के बीज को अच्छी उपजाऊ जमीन में बोया जाता है तो कुछ ही दिनों में वह अंकुरित होकर बढ़ने लगता है और उसमें पत्तियां निकलने लगती है। जब यह अंकुरण पांच-छह पत्तों का…

गुलदाउदी Chrysanthemum

गुलदाउदी मूलत: तीन प्रकार की होती है- पहली बड़ी, दूसरी छोटी और तीसरी मिनी। बड़ी प्रजाति में करीब 13 आकार के फूल आते हैं, जैसे स्पाइडर, ट्यूबलर, रेफ्लेक्स, इनकर्व, डेकोरेटिव आदि। छोटी में करीब छह-सात…

दो रूपये लीटर के खर्चे में तैयार होती…

बांसवाडा के किसानों को देशी तरीके से तैयार कीटनाशी और खाद समृद्ध बना रही है। इससे पैदावार के साथ जमीन की गुणवत्ता बढ़ रही है। रिटायर रेंजर चंद्रप्रकाश पूरी बात बताते हैं कि देशी खाद…

चन्द्रशूर एक ओषधी

चन्द्रशूर एक ऐसी रबी औषधीय फसल है, जो विभिन्न प्रकार की भूमियों में बहुत ही कम संसाधनों में व सीमित सिंचाई साधनों के साथ उगाई जा सकती है। चन्द्रशूर की प्रमुख विशेषताएं:- 1. चन्द्रशूर विभिन्न…

ईसबगोल

ईसबगोल एक औषधीय पौधा है। इसकी खेती सबसे अधिक भारत में की जाती है। राज्यों में – गुजरात पंजाब और उत्तर प्रदेश प्रमुख है जहां ईसबगोल एक नगद फसल के रूप में पैदा की जा…

आक या मदार

* सर्व सुलभ है ये पौधा हर जगह देखने को मिल जाता है लेकिन इसके उपयोग की जानकारी कम लोगो को है हम आपको इसके प्रयोग की जानकारी दे रहे है।* आक का पौधा दो…