पपीते की खेती ( Farming of papaya )
दोस्तों आपने हमारी पिछली पोस्ट में पढ़ा जैविक खेती के बारे में पढ़ा और कुछ पाठकों ने सुझाव भी दिए मुझे भुत अच्छा लगा इसी कड़ी में आज में आपके सामने लाया हूँ पपीते की खेती के बारे में तो पढ़िए पपीते के बारे में और पोस्ट अच्छी लगे तो कमेंट करके बताएं और अपने दोस्तों को भी बताये इसके बारे मे। ●परिचय पपीते का फल थोड़ा लम्बा व गोलाकार होता है तथा गूदा पीले रंग का होता है। गूदे के बीच में काले रंग के बीज होते हैं। पेड़ के ऊपर के हिस्से में पत्तों के घेरे के नीचे पपीते के फल आते हैं ताकि यह पत्तों का घेरा कोमल फल की सुरक्षा कर सके। कच्चा पपीता हरे रंग का और पकने के बाद हरे पीले रंग का होता है। आजकल नयी जातियों में बिना बीज के पपीते की किस्में ईजाद की गई हैं। एक पपीते का वजन 300, 400 ग्राम से लेकर 1 किलो ग्राम तक हो सकता है। पपीते के पेड़ नर और मादा के रुप में अलग-अलग होते हैं लेकिन कभी-कभी एक ही पेड़ में दोनों तरह के फूल खिलते हैं। हवाईयन और मेक्सिकन पपीते बहुत प्रसिद्ध हैं। भारतीय पपीते भी अत्यन्त स्वादिष्ट होते हैं। अलग-अलग किस्मों के अनुसार इनके स्वाद में थोड़ी बह...