दो रूपये लीटर के खर्चे में तैयार होती है देशी खाद

बांसवाडा के किसानों को देशी तरीके से तैयार कीटनाशी और खाद समृद्ध बना रही है। इससे पैदावार के साथ जमीन की गुणवत्ता बढ़ रही है। रिटायर रेंजर चंद्रप्रकाश पूरी बात बताते हैं कि देशी खाद फसलों में जैविक गुण को बढ़ा देती है। इससे गेहूँ, मक्का और अन्य फसलों के दाने मोटे होते हैं। यह खाद 2 रूपये प्रति लिटर में तैयार हो जाती है जबकि बाज़ार से केमिकल युक्त खाद किसान को 300 से 500 रूपये में मिलती है।

दस पर्णी अर्क:-
इसमें आक, पपीता, नीम, करंज, बेशर्म, रतनजोत, दुधी, धतुरा और सीताफल के पते कूटकर एक मटके में 20 लीटर पानी के साथ मिलाकर एक सप्ताह तक रख दें। प्रतिदिन लकड़ी की मदद से इसे हिलाते रहें, ताकि यह अच्छी तरह से घुलमिल जाये। छानकर 24 लीटर पानी में 2 लीटर अर्क मिलाकर छिडकाव करें।

अमृत पानी:-

एक एक बाल्टी गोबर, गोमूत्र, और पानी मिला लें। इसमें 50 ग्राम गुड़ को डाल कर एक मटके या तब में तिन दिन के लिए रख दें और समय समय पर लकड़ी की सहायता से हिलाते रहें। तीन दिन में कीटनाशी बन जाती है।


साभार:- दैनिक भास्कर

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